देवीधुरा में गूंजी मां वाराही की जयकार, फल-फूलों से खेली गई ऐतिहासिक बग्वाल
देहरादून: चम्पावत के प्रसिद्ध मां वाराही धाम देवीधुरा में रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को ऐतिहासिक बग्वाल मेले का आयोजन हुआ। चार खाम और सात थोक के बीच खेली गई बग्वाल में इस बार फल और फूलों का प्रयोग किया गया। बग्वाल दोपहर 1:48 बजे शुरू होकर 1:55 बजे समाप्त हुई।
पारंपरिक वेशभूषा और बांस-रिंगाल की ढालों के साथ बग्वालियों ने सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत किया। फल-फूलों से खेली गई बग्वाल के दौरान पूरा मैदान मां वाराही के जयकारों से गूंज उठा।
CM धामी ने मां वाराही के किए दर्शन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां वाराही देवी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि देवीधुरा की बग्वाल उत्तराखंड की आस्था, लोक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का अनूठा प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने देवीधुरा को नगर पंचायत क्षेत्र बनाने की बात कही। साथ ही उन्होंने बताया कि यहां 9.80 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। बग्वाल मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने के बाद व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है।
चार खामों के बीच खेली गई बग्वाल
बग्वाल की शुरुआत पूजा-अर्चना और शंखनाद के साथ हुई। इसके बाद वालिक, चम्याल, गहड़वाल और लमगड़िया खामों के बग्वालियों ने मैदान में प्रवेश किया। फल-फूलों की बरसात के बीच बग्वाल खेली गई।
सीएम धामी ने कहा कि बग्वाल के बाद सभी योद्धाओं का गले मिलना भाईचारे और अनुशासन की मिसाल है। उन्होंने लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ ‘विकास भी और विरासत भी’ के संकल्प को दोहराया।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
