‘उत्तराखंड को दूसरा नेपाल न बनाओ’, किशाऊ डैम के खिलाफ 20 गांवों का प्रदर्शन
विकासनगर: उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर टौंस नदी पर प्रस्तावित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय विरोध तेज हो गया है। उत्तराखंड और हिमाचल के करीब 20 गांवों के ग्रामीणों ने क्वाणू गांव में धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम कालसी प्रेम लाल को सौंपकर उपजाऊ कृषि भूमि और स्थानीय विरासत को बचाने की मांग की। उनका आरोप है कि परियोजना को लेकर अब तक ग्रामीणों से पर्याप्त बातचीत नहीं की गई है।
किशाऊ बांध प्रभावित संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि वे परियोजना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बांध के लिए वैकल्पिक स्थल तलाशा जाए और विस्थापन व मुआवजे की नीति ग्रामीणों से बातचीत के बाद तय हो। ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।
एसडीएम प्रेम लाल ने बताया कि ग्रामीण क्वाणू की उपजाऊ जमीन और विरासत को बचाने के लिए परियोजना का सर्वे अटाल की ओर 7-8 किलोमीटर आगे कराने की मांग कर रहे हैं।
किशाऊ परियोजना से करीब 660 मेगावाट बिजली उत्पादन की संभावना है। इसकी लागत बढ़कर 15,624 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है और परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में विस्थापन का मुद्दा प्रमुख बना हुआ है।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
