उत्तराखंड रोडवेज के 2000 कर्मचारी परेशान, 3 महीने से वेतन का इंतजार

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देहरादून: रक्षाबंधन से पहले उत्तराखंड परिवहन निगम के करीब 1,800 से 2,000 कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे घर का खर्च चलाना और बच्चों की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे यात्रियों को मंजिल तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन खुद आर्थिक तंगी में हैं। कुछ कर्मचारी मजबूरी में दैनिक मजदूरी करने को भी विवश हैं।

दवाइयों के लिए भी पैसे नहीं

निगम कर्मचारी संजय कुमार शर्मा ने बताया कि बीपी और शुगर की दवाइयां खरीदने के लिए भी पैसे नहीं हैं। वहीं, नमन शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन पर घर जाने तक के पैसे नहीं बचे हैं।

6 दिन से दो घंटे का धरना

वेतन की मांग को लेकर कर्मचारी पिछले छह दिनों से रोजाना दो घंटे धरना दे रहे हैं। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए वे धरने के बाद ड्यूटी पर लौट रहे हैं।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जल्द वेतन जारी नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। रोडवेज कर्मचारी मंडलीय मंत्री दिनेश सती ने कहा कि तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

हिमालयन लाइव ब्यूरो