उत्तराखंड में धूमधाम से मना दशहरा, धू-धू कर जले रावण-कुंभकर्ण के पुतले
देहरादून: उत्तराखंड में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। लक्सर, अल्मोड़ा, रामनगर और खटीमा समेत प्रदेशभर में रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान हजारों लोग उत्सव में शामिल हुए।
लक्सर में 51 फीट ऊंचे पुतलों का दहन: 89वीं रामलीला के समापन पर रावण और कुंभकर्ण के 51 फीट ऊंचे पुतले जलाए गए। मथुरा-वृंदावन के कलाकारों ने राम-रावण युद्ध का मंचन किया।
अल्मोरा में 23 कलात्मक पुतले: ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव में रावण परिवार के 23 पुतलों की शोभायात्रा निकाली गई। बाद में एसएसजे परिसर के जूलॉजी मैदान में उनका दहन किया गया।
रामनगर में गधे के सिर वाला रावण: एमपी इंटर कॉलेज मैदान में रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन हुआ। रावण के सिर पर लगा गधे का सिर लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा, जो अहंकार और विवेकहीनता का प्रतीक माना गया।
खटीमा में 45 फीट ऊंचे रावण का दहन: रामलीला मैदान में रावण और कुंभकर्ण के पुतले जलाए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और रामलीला आयोजन के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रदेशभर में दशहरा उत्सव ने बुराई पर अच्छाई और अहंकार पर सत्य की जीत का संदेश दिया।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
