नंदा देवी बड़ी जात 5 सितंबर से शुरू, 12 साल बाद फिर सजेगा हिमालयी महाकुंभ

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गोपेश्वर: उत्तराखंड की प्रसिद्ध नंदा देवी बड़ी जात 12 साल बाद फिर आयोजित होने जा रही है। यात्रा 5 सितंबर 2026 को सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू होगी। तिथि नजदीक आते ही चमोली जिले के यात्रा मार्ग से जुड़े गांवों में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रवासी और धियाणियां भी बड़ी संख्या में गांव लौट रहे हैं।

गांवों में तैयारियां तेज

बड़ी जात को ‘हिमालयी महाकुंभ’ के नाम से भी जाना जाता है। यात्रा के दौरान मां नंदा की डोली को एक गांव से दूसरे गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी परंपरा के अनुसार हक-हकूकधारी ग्रामीण निभाते हैं। ग्रामीण श्रद्धालुओं के भोजन और ठहरने की व्यवस्था के साथ रास्तों की सफाई और घरों के रंग-रोगन में जुटे हैं।

5 सितंबर को कुरुड़ से यात्रा शुरू होने के बाद हर पड़ाव पर ग्रामीण डोली को अगले गांव तक विदा करेंगे, जिससे यात्रा के साथ श्रद्धालुओं का कारवां भी बढ़ता जाएगा।

रामणी में होगा देव डोलियों का मिलन

यात्रा के प्रमुख पड़ाव रामणी में मां नंदा के साथ विभिन्न क्षेत्रों की देव डोलियों और छंतोलियों का मिलन होगा। वाण से आगे के निर्जन पड़ावों में डोली ले जाने की जिम्मेदारी भी रामणी के ग्रामीण निभाएंगे। 13 सितंबर को बड़ी जात रामणी से अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी।

11 सितंबर से तीन दिवसीय मेला

देव डोलियों के रामणी पहुंचने पर 11 सितंबर से तीन दिवसीय श्री नंदा देवी रामणी लोक सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेले का आयोजन होगा। 13 सितंबर को बड़ी जात के अगले पड़ाव के लिए रवाना होने के साथ मेले का समापन होगा।

हिमालयन लाइव ब्यूरो