गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी को डिजिटल पहचान दिलाएगा ‘भाषा AI’, सीएम धामी ने लॉन्च किया पोर्टल

IMG_20261022_224233

देहरादून: उत्तराखंड की लोकभाषाओं के संरक्षण और डिजिटल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं का वॉइस कलेक्शन पोर्टल लॉन्च किया। AI स्ट्रैटेजिक इंजीनियरिंग (AiSE) फाउंडेशन की ‘भाषा AI’ पहल के तहत शुरू हुए अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री की कुमाऊँनी भाषा में रिकॉर्ड की गई वॉइस क्लिप से हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोली-भाषाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं और इनके संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से क्षेत्रीय भाषाओं को जोड़ने से उत्तराखंड की भाषाई विरासत को वैश्विक पहचान मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोग भी अपनी स्थानीय भाषा में सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें और अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकें। इसके लिए AI को स्थानीय भाषाओं के शब्दों, उच्चारण और बोलने की विभिन्न शैलियों को समझना होगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस पोर्टल पर स्थानीय भाषाओं की आवाज और शब्दों का संग्रह तैयार होने से AI उन्हें बेहतर ढंग से समझ सकेगा। यह पहल गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी मददगार होगी।

हिमालयन लाइव ब्यूरो 

Spread the love