चमोली टनल हादसा: ‘बचाओ-बचाओ’ की गूंज, चश्मदीदों ने सुनाई खौफनाक आपबीती
गोपेश्वर: चमोली के पीपलकोटी में टीएचडीसी की 444 मेगावाट निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टेल रेस टनल में हुए हादसे ने मजदूरों को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में बचाए गए प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक धमाके के बाद टनल में पानी-मिट्टी का तेज सैलाब आ गया और चीख-पुकार मच गई।
करीब एक किलोमीटर तक सैलाब में बहते रहे
पंजाब निवासी मैकेनिकल कर्मचारी सेवक सिंह ने बताया कि धमाके के बाद टनल में तूफान जैसी आवाज आई और देखते ही देखते पानी-मिट्टी भर गई। लाइट भी गुल हो गई। वह करीब एक किलोमीटर तक दलदल में बहते रहे और बचाओ-बचाओ चिल्लाते रहे। किनारे पहुंचने के बाद उन्होंने कई लोगों को दलदल से निकलने के लिए संघर्ष करते देखा। बाद में रेस्क्यू टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
मशीन की कैबिन में फंसे रहे जेसीबी ऑपरेटर
बिहार निवासी जेसीबी ऑपरेटर चंदन कुमार ने बताया कि सैलाब के दौरान उनकी मशीन पलट गई और वह कैबिन में फंस गए। कैबिन में पानी-मिट्टी घुसने के बावजूद वह भगवान को पुकारते रहे। उन्होंने अपने साथियों को सैलाब में बहते और कुछ लोगों को मशीन के नीचे दबे देखा, जो मदद की गुहार लगा रहे थे।
रेस्क्यू टीम की रोशनी बनी उम्मीद
चंदन ने बताया कि करीब आधे घंटे बाद रेस्क्यू टीम की रोशनी दिखाई दी तो उन्हें जिंदगी की नई उम्मीद मिली। टीम ने कैबिन तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। दोनों घायलों का जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। हादसे की याद आते ही प्रत्यक्षदर्शी अब भी सहम जाते हैं।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
