उत्तराखंड में 40 घंटे से आफत की बारिश, नदियां उफान पर; कई जगह रेस्क्यू
देहरादून: उत्तराखंड में करीब 40 घंटे से जारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। देहरादून, ऋषिकेश, पौड़ी, टिहरी और चमोली समेत कई जिलों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के उफान से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई जगहों पर लोगों को रेस्क्यू करना पड़ा है।
ऋषिकेश में जलभराव, वाहन बहे
ऋषिकेश के निचले इलाकों में सड़कें जलमग्न हैं। चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा बढ़ गया है। तेज बहाव में कई वाहन फंसने और बहने की घटनाएं सामने आईं। SDRF ने कई वाहनों को निकाल लिया है।
छात्रों समेत कई लोगों का रेस्क्यू
देहरादून के स्वारना नदी क्षेत्र में ट्रेकिंग के लिए पहुंचे यूपीईएस के छह छात्र बढ़ते जलस्तर के कारण जंगल में फंस गए, जिन्हें SDRF ने सुरक्षित बाहर निकाला। बीन नदी में पलटे मैक्स वाहन से भी एक व्यक्ति को रेस्क्यू किया गया।
कोटद्वार में मकान ढहा, बच्चे की मौत
पौड़ी के मेहरगांव में भारी बारिश के बीच मकान ढहने से चार लोग मलबे में दब गए। एक महिला को बचाया गया, जबकि एक बच्चे का शव बरामद हुआ। प्रशासन ने आसपास के जर्जर मकानों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
91 सड़कें बंद, भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित
बारिश और भूस्खलन के कारण NH-534 समेत दो राज्यमार्ग सहित 91 सड़कें बंद हैं। चमोली में 15, बागेश्वर और नैनीताल में 12-12, पिथौरागढ़ में 11 और देहरादून में 7 सड़कें बाधित हैं। मार्ग खोलने के लिए मशीनरी लगाई गई है।
चमोली की उर्गम घाटी में कल्पेश्वर मंदिर के पास भी भूस्खलन से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन में कई लोगों के घायल होने और एक की मौत की सूचना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से नदी-नालों, तेज बहाव वाले रास्तों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन और SDRF की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
