मक्कूमठ में विराजमान हुए भगवान तुंगनाथ, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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रुद्रप्रयाग: पंचकेदारों में तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली रविवार को विधि-विधान के साथ उनके शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ पहुंच गई। डोली के आगमन पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्प-अक्षत अर्पित कर भव्य स्वागत किया। अब 9 नवंबर से मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा-अर्चना शुरू होगी।

बता दें कि भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट 6 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हुए थे। इसके बाद डोली ने चोपता और भनकुंड में रात्रि प्रवास किया। रविवार सुबह भनकुंड में धार्मिक अनुष्ठानों के बाद डोली मक्कूमठ के लिए रवाना हुई। रास्ते में ग्रामीणों ने विभिन्न पड़ावों पर डोली का स्वागत किया। राकसी नदी में डोली और देवी-देवताओं के निशाणों को विधि-विधान से पवित्र स्नान कराया गया।

मक्कूमठ पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भगवान को लाल-पीले वस्त्र अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद विद्वान आचार्यों ने विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न कराई। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद भगवान तुंगनाथ की डोली को शीतकालीन गद्दीस्थल के गर्भगृह में विराजमान किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

मंदिर समिति के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि शीतकालीन गद्दीस्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। 9 नवंबर से यहां नियमित पूजा शुरू होगी, जिसके बाद श्रद्धालु मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ के दर्शन कर सकेंगे।

वहीं, बदरी-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण ने सफल यात्रा के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आभार जताया। इस वर्ष यात्रा सीजन में 1,97,424 श्रद्धालुओं ने तुंगनाथ धाम के दर्शन किए।

हिमालयन लाइव ब्यूरो 

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