देहरादून किताब कौतिक की ऐतिहासिक सफलता, 16वें आयोजन ने राजधानी में बढ़ाया पुस्तक संस्कृति का उत्साह
देहरादून: राजधानी देहरादून में आयोजित 16वें किताब कौतिक के सफल आयोजन के बाद आयोजकों ने सभी सहयोगियों, साहित्यकारों, लेखकों, प्रकाशकों और पुस्तक प्रेमियों का आभार जताया। आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न संस्थाओं, प्रशासनिक अधिकारियों, साहित्य जगत की हस्तियों और मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आयोजक ने बताया कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 15 किताब कौतिक आयोजित किए जा चुके हैं। लंबे समय से राजधानी देहरादून में किताब कौतिक आयोजित करने की इच्छा थी, लेकिन व्यस्त कारोबारी शहर में संसाधन जुटाना एक बड़ी चुनौती थी। समय साक्ष प्रकाशन के प्रवीण भट्ट के प्रोत्साहन से इस आयोजन की राह आसान हुई।
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के बीके जोशी, तिवारी और डीके पांडे का विशेष आभार जताते हुए आयोजक ने कहा कि उन्होंने आयोजन के प्रस्ताव को स्वीकार करने के साथ ही तैयारियों में भी सक्रिय सहयोग दिया। उनके सहयोग से 16वां किताब कौतिक दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आयोजन में डॉ. बीके जोशी, नरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, नीति आयोग के निदेशक युगल जोशी, आईपीएस तृप्ति भट्ट, एससी पंत, डॉ. बीएस कालाकोटी, डॉ. एलएम उप्रेती, एडीएम टिहरी शैलेंद्र नेगी सहित कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।
आयोजक ने समय साक्ष प्रकाशन, मैती फाउंडेशन और त्र्यंबक फाउंडेशन के साथ उपकार, अरिहंत, नित्या, मंजुल, राजपाल, विनसर और काव्यांश प्रकाशन सहित सभी सहयोगी प्रकाशकों का भी धन्यवाद किया। समय साक्ष प्रकाशन के कार्यालय को आयोजन के दौरान कैंप कार्यालय के रूप में उपयोग किया गया, जहां से कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियां संचालित हुईं।
बाल लेखन कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए बाल प्रहरी के संपादक उदय किरौला और प्रकाश पांडे का विशेष आभार जताया गया। साथ ही आयोजन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मीडिया के मित्रों और आयोजन समिति के सभी सदस्यों के योगदान की सराहना की गई।
आयोजन समिति में मनोज पांडे, विपिन पवार, प्रवीण भट्ट, रानू बिष्ट, हेम पंत, नवीन पंत, प्रेम पंचोली, राहुल कोटियाल, राजेश भट्ट, योगेश, दीपक भाकुनी, मंजु शाह, जया, यामिनी, दिया, प्रयाग रावत, सुंदर बिष्ट, आनंद मणि पैन्यूली और हिमांशु पाठक रिस्की सहित कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजक ने कहा कि देहरादून किताब कौतिक की सफलता साहित्य, पुस्तकों और पाठकों के प्रति लोगों के उत्साह का प्रतीक है। सभी के सहयोग से राजधानी में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सफल रही।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
