स्रोत महोत्सव 2026 का समापन, ‘लूम्स ऑफ नीति-माणा’ के उत्पादों ने बटोरी सुर्खियां

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देहरादून: परेड ग्राउंड में आयोजित पांच दिवसीय स्रोत महोत्सव 2026 का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच समापन हो गया। तारा जोशी फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस महोत्सव में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों और स्थानीय उद्यमियों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। इस दौरान नाबार्ड की ओर से प्रतिभागियों के लिए 10 स्टॉल उपलब्ध कराए गए।

महोत्सव में नाबार्ड द्वारा प्रायोजित और मानव सेवा समिति द्वारा संचालित ‘लूम्स ऑफ नीति-माणा’ सहकारी समिति के उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। लूम्स ऑफ लद्दाख की संस्थापक श्रीमती अभिलाषा बहुगुणा ने लूम्स ऑफ नीतिमाणा सहकारी समिति की महिलाओं को स्थानीय उत्पाद ऊन तथा हैम्प से निर्मित अनेक उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित किया जिससे महिलाएं स्वयं उधमी बन सकें!

समिति के अध्यक्ष श्री कुंदन सिंह टकोला ने बताया कि सभी उत्पाद स्थानीय ऊन तथा हैम्प से महिलाओं द्वारा तैयार किए जाते हैं। इनकी गुणवत्ता उच्च कोटि की होती है। इनमें शॉल, पँखी, चुटका, स्वेटर, टोपी, मोजे सहित कई हस्तनिर्मित उत्पाद शामिल है।

उन्होंने बताया कि स्रोत महोत्सव के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार में नई पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि ‘लूम्स ऑफ नीति-माणा’ बाजार की मांग के अनुरूप नए डिजाइन तैयार कर रही है, जिससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आजीविका के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही उपभोक्ताओं को भी उच्च गुणवत्ता वाले स्थानीय उत्पाद उपलब्ध होंगे।

महोत्सव का समापन उत्तराखंड के लोकगायक एवं पद्मश्री प्रीतम भरतवाण की मधुर प्रस्तुतियों के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री के एस टकोला, हंसा रावत एवं पियूष सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

हिमालयन लाइव ब्यूरो 

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