Date Filter

Uttarakhand

पौड़ी के बूंखाल में माता कलिंका का मेला हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

पौड़ी जिले के थलीसैंण ब्लॉक स्थित बूंखाल में आज माता कलिंका का भव्य मेला हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माता के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। माता कलिंका का यह मंदिर क्षेत्रीय आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है।

इस बार मेले में माता की पूजा-अर्चना, डोली यात्रा, कलश यात्रा और घंटियाँ चढ़ाने का आयोजन किया गया। प्रसिद्ध उत्तराखंडी गायिका हेमा नेगी करासी ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी, जिन पर भक्त, खासकर युवा, झूम उठे।

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने भी माता के दर्शन किए। पूर्व विधायक श्री गणेश गोदियाल ने माता की डोली को विधिवत रवाना किया। इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने मंदिर के विकास के लिए ₹51 लाख की राशि देने की घोषणा की।

मंदिर में सदियों से प्रचलित बलि प्रथा को 2014 में प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से समाप्त कर दिया गया। पहले यहां हज़ारों भेड़ और सैकड़ों भैंसों की बलि दी जाती थी। अब पूजा के माध्यम से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं।

मंदिर से जुड़ी लोककथा के अनुसार, चोपड़ा गांव में एक लोहार परिवार में जन्मी कन्या को ग्वालों ने बूंखाल में खेल-खेल में गड्ढे में छुपा दिया। बाद में वह कन्या गायब हो गई और मां काली के रूप में प्रकट होकर बलि और पूजा-अर्चना की परंपरा शुरू की। तब से चोपड़ा और आसपास के गांवों के लोगों ने यहां मंदिर का निर्माण किया।

बूंखाल स्थित माता कलिंका मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग सबसे सुगम है। निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है, जहां से पौड़ी तक लगभग 100 किमी की दूरी बस द्वारा तय की जा सकती है। पौड़ी से बूंखाल तक का 60 किमी का सफर खिर्सू या अन्य मार्गों से पूरा किया जा सकता है। कोटद्वार रूट से आने वाले श्रद्धालु पाबौ-पैठाणी-बूंखाल मोटर मार्ग का उपयोग कर मंदिर तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

यह मंदिर सालभर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है और खिर्सू, पाबौ, थलीसैंण, तथा नैनीडांडा जैसे क्षेत्रों का धार्मिक केंद्र भी है। माता कलिंका का यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता भी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करती है।

हिमालयन लाइव ब्यूरो

You May Also Like

Leave A Reply

Latest Newst

  • बदरीनाथ चढ़ावा चोरी केस: मुख्य आरोपित के घर से चांदी की मूर्ति, नाग और नेपाली करेंसी बरामद
  • उत्तराखंड में SIR का दूसरा चरण शुरू, ड्राफ्ट सूची में 71.33 लाख नाम
  • 1 अगस्त से साइलेंट होगी नैनीताल की माल रोड, हॉर्न बजाने पर ₹1000 जुर्माना
  • CM हेल्पलाइन-1905 की लंबित शिकायतों के जल्द निस्तारण के निर्देश
  • राज्य में एनईपी-2020 के सभी प्रावधान होंगे शत-प्रतिशत लागू: डॉ. रावत
  • उत्तराखंड में 19 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने पर घमासान
  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने SIR के दूसरे चरण की तैयारियों की समीक्षा
  • सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ जन-आंदोलन जरूरी: मुख्यमंत्री
  • उत्तराखण्ड का आपदा प्रबंधन मॉडल देश के लिए मिसाल: NDMA
  • देहरादून-मसूरी रोड पर पहुंचे डीएम, 15 दिन में दो लेन सड़क बहाल करने के निर्देश
  • सीएम धामी का निर्देश: सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें, हेली सेवाएं भी रहें तैयार
  • Uttarakhand Plans ₹600-Cr Premium Tourism City at Patwadangar
  • रुड़की में मेधावियों का सम्मान, सीएम धामी ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
  • अंक ही नहीं, चरित्र और संस्कार भी सफलता की असली पहचान: बंशीधर तिवारी
  • देहरादून की साइंस सिटी से जुड़ेंगे प्रदेशभर के छात्र, सीएम धामी का बड़ा फैसला
  • गढ़वाल मंडल को मिले 69 नए विशेष शिक्षक, शिक्षा मंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
  • चारधाम हेली सेवाएं होंगी और सुरक्षित, तीन हेलीपोर्ट पर बनेंगे ATC
  • Sushil Purohit of Uttarakhand Awarded PhD for PCPNDT Act Research
  • शौर्य दिवस पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान, परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेंगे ₹2 करोड़
  • देहरादून में नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर सर्जिकल स्ट्राइक

Stay Connected With Us

Subscribe Us