चारधाम यात्रा होगी स्मार्ट और सुरक्षित, मिलेंगे आरएफआईडी टैग और डिजिटल अलर्ट
इस साल की चारधाम यात्रा तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त होने जा रही है। पहली बार चारधाम यात्रा से जुड़े दुकानदारों, घोड़ा-खच्चर, कंडी संचालकों और अन्य सेवा प्रदाताओं को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग दिए जाएंगे। इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर लगने वाले जाम की जानकारी अब डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से यात्रियों को मिलेगी।
शनिवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा मार्गों पर दुर्घटना या भू-स्खलन के कारण होने वाले जाम की जानकारी यात्रियों को रास्ते में ही मिलनी चाहिए, जिससे वे वैकल्पिक मार्ग या समय चुन सकें। इसके लिए यात्रा मार्गों पर डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। जब तक ये बोर्ड पूरी तरह स्थापित नहीं होते, तब तक बल्क SMS और व्हाट्सएप संदेशों के जरिये जानकारी दी जाएगी।
चारों धामों में काम करने वाले दुकानदारों और सेवा प्रदाताओं को RFID टैग दिए जाएंगे। इससे न केवल इनकी पहचान में आसानी होगी, बल्कि व्यवस्था को भी अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और 15वें वित्त आयोग की टाइड फंड से बजट भी स्वच्छता कार्यों में लगाया जाएगा। साथ ही, पंजीकरण केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच सुविधाएं बढ़ाने और केदारनाथ में निर्माणाधीन अस्पताल को यात्रा से पहले चालू करने के निर्देश दिए गए।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संभावित भू-स्खलन क्षेत्रों की पहचान कर उनका शीघ्र उपचार कराने को कहा गया है। सभी यात्रा मार्गों को दुरुस्त करने, पार्किंग स्थलों को चिन्हित करने और वहां रहने, खाने और चिकित्सा की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा, स्मृति वन योजना के तहत पौधरोपण के लिए स्थान भी चिन्हित किए जाएंगे।
चारधाम यात्रा की इस बार की तैयारियों में तकनीक, पर्यावरण और श्रद्धालुओं की सुविधा का संतुलन स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
-
Next Post
उत्तराखंड में मौसम ने बदला मिजाज: चारधाम में बर्फबारी, लौटी ठंड
Latest Newst
-
सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में 30 लाख श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
-
उत्तराखंड में सहकारिता सेवाएं हुईं ऑनलाइन, आरसीएस पोर्टल लॉन्च
-
पौड़ी को विज्ञान संग्रहालय की सौगात, कंडोलिया महोत्सव बनेगा राजकीय आयोजन: सीएम धामी
-
देवभूमि परिवार आईडी को मंजूरी, 15 साल से रह रहे लोगों को मिलेगा लाभ
-
कड़ी निगरानी के बीच संपन्न हुई UKSSSC परीक्षा, 73% अभ्यर्थी हुए शामिल
-
विकासनगर में खूनी संघर्ष के बाद भड़का बवाल, एक की मौत से बढ़ा तनाव
-
गढ़वाल में दौड़ेगी ट्रेन, 2028 में ब्यासी और 2029 तक कर्णप्रयाग पहुंचेगी रेल
-
राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति में IMA से पास आउट हुए 515 नए सैन्य अधिकारी
-
मानसून आपदाओं पर अलर्ट मोड में उत्तराखंड, विशेषज्ञों ने साझा किए समाधान
-
NABARD Holds Workshop on Rural Livelihoods and Skill Development in Uttarakhand
-
स्वास्थ्य सेवाओं से दूर पहाड़, इलाज के लिए आज भी संघर्ष कर रहे ग्रामीण
-
हरिद्वार कुंभ-2027: स्वच्छता और जनस्वास्थ्य प्रबंधन के लिए 115.61 करोड़ की मंजूरी
-
उत्तराखंड में रेरा होगा और सख्त, अवैध प्लॉटिंग पर कसेगा शिकंजा
-
देहरादून बनेगा दालचीनी खेती का वैश्विक केंद्र, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आज से
-
मसूरी में बड़ा सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत
-
NEET और UKSSSC परीक्षाओं से पहले अलर्ट मोड में उत्तराखंड प्रशासन
-
पौड़ी में गुलदार ने महिला को बनाया शिकार, वन विभाग ने किया ढेर
-
सस्ती दवा पड़ सकती है महंगी, नकली दवाओं पर STF की सख्त चेतावनी
-
साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत, अब ऑनलाइन मिलेगा फंसा हुआ पैसा
-
देहरादून में NSUI का सचिवालय घेराव, पुलिस से भिड़ंत के बाद चला वाटर कैनन

Leave A Reply