बिन-पंजीकृत यात्री वाहनों की केदारनाथ मार्ग पर नो एंट्री
प्रचलित केदारनाथ धाम यात्रा में अत्यधिक संख्या में श्रद्धालु एवं यात्री वाहन आ रहे हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से लेकर अब तक यानी पहले 7 दिनों में एक लाख अस्सी हजार से अधिक यात्री केदारनाथ धाम पहुँच चुके हैं और अत्यधिक संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम सहित पैदल मार्ग एवं रास्ते में हैं।
जनपद में स्थित पार्किंगों की भी एक निश्चित क्षमता है और सबसे बड़ी बात यह है कि सीतापुर व सोनप्रयाग स्थित पार्किंगों में किसी वाहन की एंट्री हो जाने के उपरांत वाहन तीन दिन तक पार्किंग में ही रहता है। पार्किंग की एक निश्चित क्षमता होने तथा इससे निकासी काफी कम होने व बाहर से अत्यधिक संख्या में वाहनों के आने से यात्रा मार्ग पर अत्यधिक दबाव बढ़ रहा है। वाहनों के दबाव को कम किए जाने हेतु जनपद की चौकी ज्वाड़ी बाईपास पर बाहर से आने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही है। बद्रीनाथ धाम की तरफ जा रहे वाहनों को मुख्य बाजार रुद्रप्रयाग होते हुए जाने दिया जा रहा है।
केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले वाहनों में निर्धारित तिथि का पंजीकरण होने पर ही यात्रियों/वाहनों को जाने दिया जा रहा है। कतिपय यात्री वाहन बिना पंजीकरण के ही जनपद में आ रहे हैं, ऐसे वाहनों की जनपद के केदारनाथ धाम के लिए एंट्री बिल्कुल बंद कर दी गई है तथा पंजीकरण के उपरांत निर्धारित तिथि को ही केदारनाथ धाम यात्रा पर आने के लिए बताया जा रहा है।
केदारनाथ धाम जाने वाले मार्ग पर पुलिस के स्तर से यातायात को नियंत्रित करते हुए सीतापुर व सोनप्रयाग की ओर छोड़ा जा रहा है। तिलवाड़ा, काकड़ागाड़, नारायणकोटि, दगड़्या बैरियर (फाटा) और शेरसी में स्थापित अस्थायी बैरियरों पर नियुक्त पुलिस कर्मियों द्वारा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सीतापुर व सोनप्रयाग पार्किंग से हो रही निकासी के क्रम में इन स्थानों से वाहन आगे की ओर भेजे जा रहे हैं। सीतापुर व सोनप्रयाग पहुंचे यात्रियों को शटल पार्किंग सोनप्रयाग तक भेजे जाने हेतु कतारबद्ध करते हुए शटल सेवा के माध्यम से गौरीकुंड व तत्पश्चात यात्रियों की सुविधानुसार, पैदल, डंडी-कंडी या घोड़े-खच्चर की सहायता से केदारनाथ धाम भेजा जा रहा है।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
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