अब विधायकों को भी मिलेगा फ्री इलाज, गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू
उत्तराखंड सरकार ने विधायकों और उनके आश्रितों को भी गोल्डन कार्ड योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विधानसभा सचिवालय से विधायकों का डाटा मांगा गया है। इस योजना के तहत राज्यभर में अब तक 4.80 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है।
हालांकि, इस योजना की राह में बजट की कमी बड़ी बाधा बन रही है। अस्पतालों का करीब ₹80 करोड़ का भुगतान अभी तक लंबित है, जिसके चलते कई निजी अस्पताल इलाज देने से इनकार कर चुके हैं। इसी कारण अब सरकार अंशदान बढ़ाने और अन्य वित्तीय विकल्पों पर विचार कर रही है।
पिछले वर्ष गैरसैंण में आयोजित मानसून सत्र में विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी और उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए विधानसभा विविध विधेयक पारित किया गया था। अब इस पर अमल करते हुए विधायकों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फिलहाल, इस योजना के तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन से 120 करोड़ रुपये सालाना अंशदान के रूप में प्राप्त होते हैं, लेकिन खर्चा ₹250 करोड़ से अधिक पहुंच चुका है। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार योजना का संचालन किसी निजी बीमा कंपनी को देने पर भी विचार कर रही है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
गोल्डन कार्डधारकों को उनकी वेतन श्रेणी के आधार पर अस्पतालों में सुविधाएं दी जाती हैं। सरकारी अस्पतालों की सुविधाएं अभी उस स्तर की नहीं हैं, इसलिए अब तक 70% इलाज निजी अस्पतालों में हो चुका है। इस योजना के तहत उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के बड़े अस्पताल भी सूचीबद्ध हैं, जहां गोल्डन कार्डधारकों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।
सरकार के इस फैसले से विधायकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा, लेकिन योजना को बजट संकट से उबारने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
-
Next Post
होली पर मिलावटखोरों पर सख्ती, प्रदेशभर में छापेमारी तेज
Latest Newst
-
सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में 30 लाख श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
-
उत्तराखंड में सहकारिता सेवाएं हुईं ऑनलाइन, आरसीएस पोर्टल लॉन्च
-
पौड़ी को विज्ञान संग्रहालय की सौगात, कंडोलिया महोत्सव बनेगा राजकीय आयोजन: सीएम धामी
-
देवभूमि परिवार आईडी को मंजूरी, 15 साल से रह रहे लोगों को मिलेगा लाभ
-
कड़ी निगरानी के बीच संपन्न हुई UKSSSC परीक्षा, 73% अभ्यर्थी हुए शामिल
-
विकासनगर में खूनी संघर्ष के बाद भड़का बवाल, एक की मौत से बढ़ा तनाव
-
गढ़वाल में दौड़ेगी ट्रेन, 2028 में ब्यासी और 2029 तक कर्णप्रयाग पहुंचेगी रेल
-
राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति में IMA से पास आउट हुए 515 नए सैन्य अधिकारी
-
मानसून आपदाओं पर अलर्ट मोड में उत्तराखंड, विशेषज्ञों ने साझा किए समाधान
-
NABARD Holds Workshop on Rural Livelihoods and Skill Development in Uttarakhand
-
स्वास्थ्य सेवाओं से दूर पहाड़, इलाज के लिए आज भी संघर्ष कर रहे ग्रामीण
-
हरिद्वार कुंभ-2027: स्वच्छता और जनस्वास्थ्य प्रबंधन के लिए 115.61 करोड़ की मंजूरी
-
उत्तराखंड में रेरा होगा और सख्त, अवैध प्लॉटिंग पर कसेगा शिकंजा
-
देहरादून बनेगा दालचीनी खेती का वैश्विक केंद्र, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आज से
-
मसूरी में बड़ा सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत
-
NEET और UKSSSC परीक्षाओं से पहले अलर्ट मोड में उत्तराखंड प्रशासन
-
पौड़ी में गुलदार ने महिला को बनाया शिकार, वन विभाग ने किया ढेर
-
सस्ती दवा पड़ सकती है महंगी, नकली दवाओं पर STF की सख्त चेतावनी
-
साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत, अब ऑनलाइन मिलेगा फंसा हुआ पैसा
-
देहरादून में NSUI का सचिवालय घेराव, पुलिस से भिड़ंत के बाद चला वाटर कैनन

Leave A Reply