ड्रीम वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभरा उत्तराखंड का त्रिजुगीनारायण
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड का पौराणिक स्थल त्रिजुगीनारायण मंदिर अब सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वेडिंग डेस्टिनेशन बन चुका है। भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाहस्थल माने जाने वाले इस स्थान पर देश-विदेश से जोड़े वैदिक परंपराओं के अनुसार शादी करने के लिए उमड़ रहे हैं।
वेडिंग प्लानर रंजना रावत के अनुसार, 2025 की शुरुआत से अब तक यहां 500 से अधिक शादियां हो चुकी हैं, जबकि पिछले वर्ष पूरे साल में कुल 600 विवाह संपन्न हुए थे। मई के पहले सप्ताह में ही सिंगापुर से भारतीय मूल की डॉक्टर प्राची यहां विवाह बंधन में बंधने आ रही हैं।
हर महीने 100 से अधिक विवाह आयोजन के साथ यह क्षेत्र रोजगार का नया केंद्र भी बन रहा है। वेडिंग प्लानर, होटल व्यवसायी, पंडे-पुजारी, मांगल टीम, ढोल-दमौ वादक जैसे अनेक स्थानीय लोगों को काम मिल रहा है।
रजिस्ट्रेशन और परंपरा अनिवार्य
मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद पंचपुरी ने बताया कि विवाह की अनुमति केवल रजिस्ट्रेशन के बाद ही दी जाती है। विवाह माता-पिता या अभिभावकों की उपस्थिति में ही संपन्न होते हैं। विवाह वेदी मंदिर परिसर में ही बनाई जाती है, जहां अखंड ज्योति के समक्ष सात फेरे लिए जाते हैं।
ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
त्रिजुगीनारायण मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि यहीं भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था और भगवान विष्णु ने स्वयं कन्यादानकर्ता की भूमिका निभाई थी। मंदिर परिसर में स्थित अखंड अग्नि को उसी विवाह का प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिल रहा समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में बढ़ावा देने की अपील के बाद यहां पर्यटकों और नवविवाहितों की संख्या में तेजी आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, “उत्तराखंड सरकार डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव सहयोग दे रही है। देवभूमि आपका स्वागत करने को सदैव तत्पर है।”
त्रिजुगीनारायण की ओर कदम बढ़ा रही है दुनिया — परंपरा, प्रकृति और पवित्रता का अद्भुत संगम।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
-
Next Post
सीएम धामी का एक्शन मोड: चारधाम यात्रा और सीमाओं की सुरक्षा होगी और मजबूत
Latest Newst
-
सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में 30 लाख श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
-
उत्तराखंड में सहकारिता सेवाएं हुईं ऑनलाइन, आरसीएस पोर्टल लॉन्च
-
पौड़ी को विज्ञान संग्रहालय की सौगात, कंडोलिया महोत्सव बनेगा राजकीय आयोजन: सीएम धामी
-
देवभूमि परिवार आईडी को मंजूरी, 15 साल से रह रहे लोगों को मिलेगा लाभ
-
कड़ी निगरानी के बीच संपन्न हुई UKSSSC परीक्षा, 73% अभ्यर्थी हुए शामिल
-
विकासनगर में खूनी संघर्ष के बाद भड़का बवाल, एक की मौत से बढ़ा तनाव
-
गढ़वाल में दौड़ेगी ट्रेन, 2028 में ब्यासी और 2029 तक कर्णप्रयाग पहुंचेगी रेल
-
राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति में IMA से पास आउट हुए 515 नए सैन्य अधिकारी
-
मानसून आपदाओं पर अलर्ट मोड में उत्तराखंड, विशेषज्ञों ने साझा किए समाधान
-
NABARD Holds Workshop on Rural Livelihoods and Skill Development in Uttarakhand
-
स्वास्थ्य सेवाओं से दूर पहाड़, इलाज के लिए आज भी संघर्ष कर रहे ग्रामीण
-
हरिद्वार कुंभ-2027: स्वच्छता और जनस्वास्थ्य प्रबंधन के लिए 115.61 करोड़ की मंजूरी
-
उत्तराखंड में रेरा होगा और सख्त, अवैध प्लॉटिंग पर कसेगा शिकंजा
-
देहरादून बनेगा दालचीनी खेती का वैश्विक केंद्र, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आज से
-
मसूरी में बड़ा सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत
-
NEET और UKSSSC परीक्षाओं से पहले अलर्ट मोड में उत्तराखंड प्रशासन
-
पौड़ी में गुलदार ने महिला को बनाया शिकार, वन विभाग ने किया ढेर
-
सस्ती दवा पड़ सकती है महंगी, नकली दवाओं पर STF की सख्त चेतावनी
-
साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत, अब ऑनलाइन मिलेगा फंसा हुआ पैसा
-
देहरादून में NSUI का सचिवालय घेराव, पुलिस से भिड़ंत के बाद चला वाटर कैनन

Leave A Reply