क्या जलवायु परिवर्तन ने लगाई जीरा दामों में आग?
हर व्यंजन में डाले जाने वाला जीरा जलवायु संकट के कारण अब रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों में सबसे महंगा मसाला बन चुका है।
जानकारों की मानें तो भारत के सबसे बड़े मसाला उत्पादक राज्य राजस्थान में मौसम के बदलते मिजाज की वजह से जीरा उत्पादन में भारी गिरावट आई है।
बाजार के आंकड़ों से पता चला है कि भारत में जीरा व्यापार के प्रमुख केंद्र उंझा (गुजरात) में पिछले सप्ताह जीरे की कीमत छप्पन हज़ार रूपए प्रति क्विंटल (100 किग्रा) तक पहुंच गई।
किसानों का कहना है कि खराब मौसम की वजह से न केवल उत्पादन घटा है बल्कि उपज भी पिछले वर्ष की तुलना में तीस प्रतिशत घटी है।
जीरा फसल उगाने वाले पश्चिमी राजस्थान के इलाक़ों में असामान्य मौसम परिवर्तन देखा गया है। सर्दी के मौसम की अवधि कम हो रही है और पश्चिमी राजस्थान की सीमा से लगे पाकिस्तान से फ़रवरी महीने की शुरुआत में ही गर्म हवा चलनी शुरू हो गई है जिससे जीरे की फसल में अंकुरण प्रकिया बाधित होने लगी। मौसम में यह परिवर्तन कुछ साल पहले तक नहीं था।
साथ ही किसानों को कीट संक्रमण से जूझना पड़ रहा है और बेमौसम बारिश ने भी राजस्थान और गुजरात के जीरा उत्पादन में कमी लाई है। नतीजतन माँग-आपूर्ति के नियमानुसार जीरे के दामों में आग लगी हुई है।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
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