केदारनाथ यात्रा: वैकल्पिक मार्ग का 400 मीटर हिस्सा शेष, जल्द होगा तैयार
केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) तेज़ी से कार्य कर रहा है। 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त मार्ग को फिर से बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गरुढ़चट्टी से रामबाड़ा तक वैकल्पिक मार्ग के निर्माण में अब केवल 400 मीटर का काम शेष रह गया है।
लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार के अनुसार, इस मार्ग को बनाने के लिए अब सिर्फ चट्टानों को काटने का कार्य बचा है। ऊंचाई वाला क्षेत्र होने और मौसम की अनिश्चितता के चलते यह चुनौतीपूर्ण कार्य है। फिर भी, विभाग का प्रयास है कि आगामी एक महीने में इस शेष हिस्से को पूरा कर लिया जाए। यह मार्ग दो मीटर चौड़ा होगा और वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जाएगा, जिसका अंतिम निर्णय संबंधित अथॉरिटी करेगी।
पिछले साल 31 जुलाई की आपदा में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम जाने वाला 17 किलोमीटर मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। अधिकांश मार्ग को बहाल कर दिया गया है, लेकिन रामबाड़ा और जंगलचट्टी के पास दो स्थानों पर पुलों का निर्माण किया जा रहा है।
रामबाड़ा में पहले ही एक ब्रिज तैयार कर लिया गया था, लेकिन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब एक और बैली ब्रिज बनाने की योजना है। वहीं, जंगलचट्टी में भी एक नया पुल बनाया जा रहा है ताकि यात्रा को और सुगम बनाया जा सके।
इस वैकल्पिक मार्ग और नए पुलों के निर्माण से केदारनाथ यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है ताकि आगामी यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
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