श्रद्धा, सेवा और तकनीक के संग शुरू हुई हेमकुण्ट साहिब यात्रा 2025
देहरादून: उत्तराखण्ड की पवित्र हेमकुण्ट साहिब यात्रा का शुभारंभ आज ऋषिकेश से हुआ, जहाँ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंज प्यारों की अगुवाई में प्रथम जत्थे को रवाना किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए दोनों नेताओं ने उनके सुरक्षित और सुगम यात्रा की कामना की।
राज्यपाल ने कहा कि 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुण्ट साहिब की यात्रा श्रद्धा, भक्ति और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सिख परंपरा के मूल में निष्ठा, साहस, सेवा और बलिदान निहित हैं। राज्यपाल ने गुरु गोबिंद सिंह जी की वाणी ‘‘निश्चय कर अपनी जीत करौं’’ का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त यात्रा और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हेमकुण्ट साहिब न केवल सिख समुदाय की आस्था का केंद्र है, बल्कि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है। उन्होंने बताया कि अब तक 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेमकुण्ट यात्रा के लिए और 30 लाख से अधिक यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इस यात्रा को अधिक सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। गोविंदघाट में नया वैली ब्रिज बन चुका है और स्थायी पुल का निर्माण शीघ्र आरंभ होगा। यात्रा मार्गों पर रेलिंग, साइन बोर्ड, मेडिकल कैंप, पेयजल और गर्म पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इस अवसर पर तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एआई आधारित चैटबॉट "इटरनल गुरु" के अपग्रेडेड संस्करण का प्रदर्शन किया गया। यह चैटबॉट श्री गुरु ग्रन्थ साहिब की शिक्षाओं पर आधारित है और तकनीक के माध्यम से आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसे उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा हेमकुण्ट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सहयोग से विकसित किया गया है।
कार्यक्रम में हेमकुण्ट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और यात्रा की तैयारियों की जानकारी साझा की। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक रेनू बिष्ट, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती, निर्मल आश्रम के जोत सिंह, निर्मल अखाड़ा प्रमुख ज्ञान देव महाराज, तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह, संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
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