सीएम धामी का एक्शन प्लान: घुसपैठ, ड्रग्स और साइबर क्राइम पर सख्त अभियान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार रात पुलिस मुख्यालय, देहरादून में राज्य स्तरीय पुलिस संगोष्ठी के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रहे विदेशी घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन मिलकर एक व्यापक अभियान चलाएं और तत्काल कठोर कार्यवाही की जाए।
सीएम धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि घुसपैठियों को फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में सहायता करने वाले व्यक्तियों पर भी सख्त कार्यवाही होगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि ड्रग्स माफिया के खिलाफ भी कठोर कदम उठाएं और राज्यवासियों का भरोसा बनाए रखना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस से आम नागरिकों के प्रति मित्रवत व्यवहार बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि अपराधियों में भय का वातावरण जरूरी है ताकि उत्तराखंड की शांतिपूर्ण छवि कायम रह सके। उन्होंने पुलिस कार्यशैली में बदलाव कर जनता से संवाद बढ़ाने के निर्देश भी दिए, साथ ही थानों में नियमित जनसुनवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल के कैंची धाम में अगले 10 दिनों के भीतर हैलीपेड निर्माण के निर्देश दिए और बताया कि वे स्वयं 10 दिन बाद इस हैलीपेड पर पहुंचेंगे। इसके साथ ही पार्किंग और अन्य पर्यटन विकास कार्यों के प्रस्ताव भी तत्काल प्रस्तुत करने को कहा गया।
साइबर अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने विलंब से एफआईआर दर्ज होने की घटनाओं पर नाराजगी जताई और सभी मामलों की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने साइबर क्राइम के प्रति जन जागरूकता अभियान शुरू करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यदि कोई पुलिसकर्मी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर तत्काल कार्यवाही हो। साथ ही, थानों के आधुनिकीकरण और आवासीय सुविधाओं के विकास में तेजी लाने के आदेश भी दिए। देहरादून और प्रदेशभर में सीसीटीवी की जरूरतों की रिपोर्ट जल्द पेश करने को कहा गया है। वहीं ऊधमसिंह नगर में प्रस्तावित फॉरेंसिक लैब को लेकर भारत सरकार से समन्वय की जिम्मेदारी गृह सचिव और डीजीपी को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री ने नैनीताल में पर्यटन सीजन को देखते हुए अस्थायी पार्किंग और शटल सेवा शुरू करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था को इस तरह मॉडल बनाएं कि वह देशभर में मिसाल बने। चारधाम यात्रा और पर्यटन के दौरान यात्रियों के डेटा संग्रह और यातायात व्यवस्था के लिए डिस्प्ले बोर्ड और एसएमएस सुविधा की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
यह बैठक प्रदेश में कानून व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ ही उत्तराखंड को अपराधमुक्त और पर्यटन के लिए अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
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