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खलंगा में वन भूमि बची, देहरादूनवासियों ने नाकाम की साजिश

देहरादून: राजधानी देहरादून के जागरूक नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संगठित जनशक्ति किसी भी अवैध प्रयास को नाकाम करने में सक्षम है। रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत खलंगा में 40 बीघा संरक्षित वन भूमि पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण की कोशिश को समय रहते विफल कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरियाणा निवासी एक व्यक्ति द्वारा इस वन भूमि पर निजी कैंप स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा था। क्षेत्रवासियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं को जब इस प्रयास की भनक लगी, तो उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सूचना साझा की। इसका असर यह हुआ कि वन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी सतर्क हो गए और शनिवार सुबह मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।

मौके पर पहुंचे मसूरी वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर के निर्देश पर रायपुर रेंज के अधिकारी हरीश गैरोला और उनकी टीम ने निरीक्षण कर पाया कि क्षेत्र में अवैध रूप से तारबाड़ किया गया था और कुछ पेड़ भी काटे जा चुके थे। वन विभाग ने तत्काल अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया और पेड़ कटान के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस मामले में सामने आए अनिल शर्मा नामक व्यक्ति ने दावा किया कि उन्होंने यह भूमि ऋषिकेश निवासी अशोक अग्रवाल से लीज पर ली है और यहां कैंप बनाने की योजना थी। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र संरक्षित वन भूमि है और यहां किसी भी प्रकार के निजी निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। साथ ही भूमि से संबंधित सभी अभिलेख भी तलब किए गए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "बाहरी तत्वों द्वारा हमारे जंगलों पर कब्जे का प्रयास निंदनीय है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि प्रकृति के साथ खुला खिलवाड़ है। ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

वन विभाग के अनुसार, यह भूमि संभवतः "चक भूमि" हो सकती है, जिसको लेकर राजस्व विभाग से भी अभिलेख मंगवाए गए हैं। वहीं, खलंगा क्षेत्र में अब नियमित गश्त और निगरानी का आदेश दे दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

जनभागीदारी बनी वन संरक्षण की ढाल

यह घटना देहरादून में पर्यावरण जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारी का एक सशक्त उदाहरण है। स्थानीय जनता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया कि जब समाज सजग होता है, तो किसी भी अवैध गतिविधि को पनपने नहीं दिया जा सकता।

हिमालयन लाइव ब्यूरो

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