पर्यावरण संरक्षण: समलोन संस्था की पहल से जागरूकता की नई मिसाल
सैंजी: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समलोन संस्था द्वारा ग्राम सैंजी में एक विशेष पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के ग्रामों — बुरासी, कोठला, देवकोट आदि — की महिला मंगल दलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महिलाओं ने पारंपरिक चौका, तिरली, नारंगी डाली, गौकी, थड़िया और चौफला गीतों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने न केवल कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, बल्कि पर्यावरण के प्रति जनजागृति का संदेश भी प्रभावशाली ढंग से प्रसारित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शंभू प्रसाद खंकरियाल (मानव सेवा समिति के सचिव एवं सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल के उप प्रबंधक) ने समलोन संस्था द्वारा किए जा रहे पर्यावरणीय प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्पद है और हम सभी को इसमें सहभागी बनना चाहिए।"
विशिष्ट अतिथि श्री प्रदीप सिंह साहू ने कहा कि संस्था पर्यावरण के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रही है और इससे हम सभी को सीख लेनी चाहिए।
संस्था के अध्यक्ष श्री मनोज रौथान ने विश्व पर्यावरण दिवस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिवस 5 जून 1972 से संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2025 की थीम “पारिस्थितिक तंत्र पर प्लास्टिक कचरे का विनाशकारी प्रभाव और स्थायी समाधान” पर केंद्रित है।
सामाजिक कार्यकर्ता श्री संतान सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण में महिला मंगल दलों की भूमिका को सराहा और ‘पानी राखो आंदोलन’ के प्रणेता श्री सच्चिदानंद भारती के प्रयासों का उदाहरण देते हुए जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया।
पाबौ ब्लॉक की संयोजिका ने संदेश दिया कि “हर संस्कार के साथ एक पेड़ अवश्य लगाएं।”
संस्था के संस्थापक श्री वीरेंद्र दत्त गोदियाल ने समलोन संस्था की कार्ययोजना एवं उद्देश्य की जानकारी दी और सभी से अपील की कि “पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”
कार्यक्रम में श्री मुकेश नौटियाल (उपाध्यक्ष), श्री नथीराम नौटियाल (कोषाध्यक्ष), श्री भवान सिंह गुसाईं (सदस्य), वन बीट अधिकारी श्री भूपेंद्र सिंह, ब्लॉक संयोजिका श्रीमती सीता देवी, सेनानायिकाएं गीता देवी, पूजा देवी, बीरा देवी सहित ग्राम कोठला, सैंजी, बुरासी आदि गांवों की अनेक महिलाओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर नाशपाती के वृक्ष का रोपण भी किया गया, जिसकी देखभाल की जिम्मेदारी श्रीमती बबली देवी भंडारी को सौंपी गई।
यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती चेतना का प्रमाण है और समलोन संस्था द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान ने जनसहभागिता को एक नई दिशा दी है।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
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