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बदरीनाथ धाम में बर्फबारी, चारधाम रूट पर मौसम का कहर – प्रशासन अलर्ट पर

चमोली/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में अचानक मौसम ने करवट ली और जमकर बर्फबारी हुई। नर-नारायण और नीलकंठ पर्वत शृंखला बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है, जिससे क्षेत्र में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मई के अंतिम सप्ताह में हुई इस बर्फबारी ने तीर्थ यात्रियों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है।

बर्फबारी के चलते ठंड का प्रकोप इतना बढ़ गया कि यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। इस अप्रत्याशित मौसम ने चारधाम यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

इधर मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 29 मई से उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सिलसिला शुरू हो सकता है, जो आगामी दो से तीन दिन तक जारी रहने की संभावना है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के क्षेत्रों में भी तापमान में भारी गिरावट देखी गई है। बारिश और बर्फबारी के कारण तीर्थयात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है।

प्रशासन और एसडीआरएफ हाई अलर्ट पर

चारधाम यात्रा मार्गों पर मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और एसडीआरएफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही जिला प्रशासन ने यात्रियों से खराब मौसम के दौरान यात्रा टालने की अपील की है। सहायता के लिए टोल-फ्री और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

भगवान कार्तिक स्वामी की ऐतिहासिक यात्रा बदरीनाथ के लिए रवाना

मौसम की प्रतिकूलता के बीच तल्लानागपुर पट्टी के क्रौंच पर्वत से भगवान कार्तिक स्वामी की ऐतिहासिक बदरीनाथ यात्रा भी आरंभ हो गई है। यात्रा पहले दिन चमोली पोखरी के समीप सतूड गांव पहुंची, जहां कार्तिक स्वामी मंदिर में भक्तों ने रात्रि विश्राम किया। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं और अनेक स्थानों पर पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया जा रहा है।

ब्रह्म बेला में आचार्य वासुदेव प्रसाद थपलियाल और सुधीर नौटियाल द्वारा पंचांग पूजन और 33 कोटी देवी-देवताओं का आह्वान किया गया, जिससे धार्मिक वातावरण और अधिक पवित्र हो उठा।

हिमालयन लाइव ब्यूरो

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