देहरादून आढ़त बाजार शिफ्टिंग को मंजूरी, 126 करोड़ मुआवजा वितरण तय
देहरादून के सबसे बड़े और भीड़भाड़ वाले आढ़त बाजार की शिफ्टिंग में अब कोई बाधा नहीं रह गई है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की बोर्ड बैठक में 126 करोड़ रुपये के मुआवजा वितरण प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद वर्षों से अटका हुआ यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ने को तैयार है।
हडको से 50 करोड़ रुपये का ऋण मिलने के बावजूद मुआवजा वितरण में आ रही अड़चन अब दूर हो गई है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जानकारी दी कि जल्द ही सभी पात्र भू-स्वामियों, किरायेदारों और कब्जेदारों को नियमानुसार मुआवजा वितरित किया जाएगा, जिससे बाजार की शिफ्टिंग और सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा सके।
दो योजनाओं के तहत हो रहा कार्य
आढ़त बाजार की शिफ्टिंग दो योजनाओं के तहत हो रही है। पहली योजना के तहत पटेलनगर कोतवाली के पास करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में नए आढ़त बाजार का निर्माण तीव्र गति से हो रहा है, जिसमें 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। इसमें मल्टीस्टोरी पार्किंग, ओवरहेड टैंक, सीवर व ड्रेनेज सिस्टम सहित आवागमन के लिए दो समांतर मार्गों का निर्माण हो रहा है, जो बिंदाल नदी के किनारे से होते हुए बाजार तक पहुंचेंगे।
दूसरी योजना के अंतर्गत सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक सड़क चौड़ीकरण किया जाना है, जो बाजार शिफ्टिंग के लिए अनिवार्य है। इस कार्य के लिए आढ़ती और अन्य 430 भू-स्वामी/किरायेदार प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें से 350 ने मुआवजा, प्लाट या दोनों विकल्प चुने हैं, जबकि 80 ने केवल मुआवजे का विकल्प लिया है।
80 लोगों ने अब तक नहीं दिया विकल्प
अब भी 80 ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने कोई विकल्प नहीं दिया है। एमडीडीए इनसे पत्राचार कर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह करेगा, जिससे योजना में और विलंब न हो।
संपत्तियों का अधिग्रहण और पंजीकरण
सड़क चौड़ीकरण के लिए जो प्रतिष्ठान प्रभावित हो रहे हैं, उनकी संपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के पक्ष में की जाएगी। इसके लिए सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है ताकि सड़क निर्माण के लिए भूमि शीघ्र खाली कराई जा सके।
निर्धारित समय से पहले बन सकता है नया बाजार
निर्माण की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि नया आढ़त बाजार निर्धारित समय से पहले तैयार हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल शहर के ट्रैफिक को राहत मिलेगी, बल्कि आढ़त कारोबारियों को भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया केंद्र मिलेगा।
यह परियोजना देहरादून शहर के बुनियादी ढांचे को नया आकार देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
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