Date Filter

Uttarakhand

उत्तराखंड में घटती कृषि भूमि के बावजूद बढ़ रहा फसलों का उत्पादन, विपक्ष ने उठाए सवाल

उत्तराखंड में कृषि योग्य भूमि साल दर साल घट रही है, लेकिन इसके बावजूद राज्य में फसलों का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, राज्य में 2 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि कम हुई है, लेकिन उत्पादन 3 लाख टन बढ़ा है। यह विरोधाभास सरकार की नीतियों और खेती की बदलती तकनीकों को लेकर कई सवाल खड़े करता है।

उत्तराखंड में सबसे ज्यादा 29% क्षेत्रफल पर गेहूं, 27% क्षेत्रफल पर धान और 10% क्षेत्रफल पर गन्ने की खेती होती है। इसके अलावा, मंडुवा, सांवा, दलहन, तिलहन, फल-सब्जियां और मक्का भी उगाए जाते हैं।

उत्तराखंड सरकार ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का दावा कर रही है। मुख्यमंत्री कृषि विकास योजना के तहत 950 हेक्टेयर में 39 क्लस्टर बनाए गए हैं, जबकि नेचुरल फार्मिंग योजना के तहत 10,000 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जा रही है।

बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने सवाल किया कि जब कृषि भूमि घट रही है, तो उत्पादन कैसे बढ़ रहा है? विपक्षी नेताओं का कहना है कि प्राकृतिक खेती से इतने बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव नहीं है। इस पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जवाब दिया कि आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक तरीकों और बेहतर कृषि प्रबंधन के कारण उत्पादन में वृद्धि हो रही है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संरक्षित खेती, ड्रिप इरिगेशन और उन्नत कृषि तकनीकों को सही तरीके से लागू किया जाए, तो उत्तराखंड में कम भूमि में भी अधिक उत्पादन संभव है। हालांकि, इसके लिए सरकार को अधिक पारदर्शिता और प्रभावी नीति क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।

हिमालयन लाइव ब्यूरो

You May Also Like

Leave A Reply

Latest Newst

  • सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में 30 लाख श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान
  • उत्तराखंड में सहकारिता सेवाएं हुईं ऑनलाइन, आरसीएस पोर्टल लॉन्च
  • पौड़ी को विज्ञान संग्रहालय की सौगात, कंडोलिया महोत्सव बनेगा राजकीय आयोजन: सीएम धामी
  • देवभूमि परिवार आईडी को मंजूरी, 15 साल से रह रहे लोगों को मिलेगा लाभ
  • कड़ी निगरानी के बीच संपन्न हुई UKSSSC परीक्षा, 73% अभ्यर्थी हुए शामिल
  • विकासनगर में खूनी संघर्ष के बाद भड़का बवाल, एक की मौत से बढ़ा तनाव
  • गढ़वाल में दौड़ेगी ट्रेन, 2028 में ब्यासी और 2029 तक कर्णप्रयाग पहुंचेगी रेल
  • राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति में IMA से पास आउट हुए 515 नए सैन्य अधिकारी
  • मानसून आपदाओं पर अलर्ट मोड में उत्तराखंड, विशेषज्ञों ने साझा किए समाधान
  • NABARD Holds Workshop on Rural Livelihoods and Skill Development in Uttarakhand
  • स्वास्थ्य सेवाओं से दूर पहाड़, इलाज के लिए आज भी संघर्ष कर रहे ग्रामीण
  • हरिद्वार कुंभ-2027: स्वच्छता और जनस्वास्थ्य प्रबंधन के लिए 115.61 करोड़ की मंजूरी
  • उत्तराखंड में रेरा होगा और सख्त, अवैध प्लॉटिंग पर कसेगा शिकंजा
  • देहरादून बनेगा दालचीनी खेती का वैश्विक केंद्र, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आज से
  • मसूरी में बड़ा सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत
  • NEET और UKSSSC परीक्षाओं से पहले अलर्ट मोड में उत्तराखंड प्रशासन
  • पौड़ी में गुलदार ने महिला को बनाया शिकार, वन विभाग ने किया ढेर
  • सस्ती दवा पड़ सकती है महंगी, नकली दवाओं पर STF की सख्त चेतावनी
  • साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत, अब ऑनलाइन मिलेगा फंसा हुआ पैसा
  • देहरादून में NSUI का सचिवालय घेराव, पुलिस से भिड़ंत के बाद चला वाटर कैनन

Stay Connected With Us

Subscribe Us